Tuesday, March 30, 2010

सिंगापुर -1

सकते में थे
उस दिन
तमाम सिंगापुरवासी ,
फुरामा रिवर फ्रंट के
छठे माले के
एक कमरे की खिड़की में
झांकता रहा देर तलक चाँद .
ज़ुरांग बर्ड पार्क में
सभी पक्षी
अचानक गोरैयायें बन
चहचहाने लगे .
चांगी इंटरनॅशनल एयरपोर्ट से
हेव्लोक रोड तक
खिल उठे गुलमोहर के फूल ,
सेंतोसा आइलैंड पर
'द सोंग ऑफ़ द सी 'में
चीनी नर्तक
गुनगुना रहे थे
उर्दू नज्में ,
और 'बीच' पर पानी में
बने बांस के घरों पर
लेसर शो में
उस रात
प्रिंसेस एनी की जगह
नज़र आई
एक भारतीय युवती
और तभी लगून की डोल्फिनें
अचानक चिल्लाने लगी -
प्रिया ! प्रिया ! प्रिया !
अगले रोज़
सिंगापुर के
'द स्ट्रेट्स टाइम्स' में
हेडलाइन छपी -
"नज्मोंवाला अब सिंगापुर सिटी में !!!"-अजीत पाल सिंह दैया

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर रचना । आभार
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  2. भावों को इतनी सुंदरता से शब्दों में पिरोया है
    सुंदर रचना....

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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